मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एसएस रंजन स्टोन क्रशर प्लांट में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे दर्दनाक हादसा हुआ। प्लांट के पास स्थित दूसरी खदान में भारी ब्लास्टिंग की गई थी। ब्लास्टिंग से पैदा हुए तेज कंपन के कारण क्रशर प्लांट का जर्जर डग ढह गया। यह कमरा प्लांट के पावर हाउस के रूप में इस्तेमाल होता था और इसी में मजदूरों ने ब्लास्टिंग से बचने के लिए शरण ली थी। कमरा अचानक मलबे में तब्दील हो गया और चार मजदूर उसके नीचे दब गए।
मलबे में दबकर चार मजदूरों की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान दुर्योधन विश्वकर्मा, अशोक गोंड, लालबहादुर बैगा और राकेश गोंड के रूप में हुई है। रिपोर्टों में उनकी उम्र क्रमशः 34, 38, 35 और 30 वर्ष बताई गई है। चारों मजदूर एसएस रंजन क्रशर प्लांट में मजदूरी करते थे। हादसे के बाद मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतकों के नाम और उम्र
हादसे में दुर्योधन विश्वकर्मा की उम्र 34 वर्ष, अशोक गोंड की 38 वर्ष, लालबहादुर बैगा की 35 वर्ष और राकेश गोंड की 30 वर्ष बताई गई है। सभी मजदूर बड़गवां गांव के निवासी थे और रोजी-रोटी के लिए क्रशर प्लांट में काम कर रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने के बाद सोनभद्र स्थित उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

