पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के चयन में क्षेत्र के आधार पर भेदभाव होने की बात से इनकार किया है। श्रीनगर में 6 सितंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में कम अवसर मिलने को लेकर सवाल पूछा गया था। धवन ने कहा कि चयन में क्षेत्रीय भेदभाव नहीं होता और अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसे टीम से बाहर रखना मुश्किल है। उन्होंने जोर दिया कि खिलाड़ी का प्रदर्शन ही चयन के लिए सबसे अहम आधार होना चाहिए।
प्रदर्शन अच्छा हो तो कोई रोक नहीं सकता
धवन ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है तो दुनिया की कोई ताकत उसे टीम से बाहर नहीं रख सकती। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने प्रदर्शन को सबसे बड़ा जवाब बनाने की बात कही। धवन के अनुसार भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है और कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच चयन करना आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी का जम्मू-कश्मीर, दिल्ली या मुंबई से होना अपने आप में चयन या गैर-चयन का आधार नहीं माना जाना चाहिए।
किस्मत की भूमिका से भी इनकार नहीं
धवन ने हालांकि यह भी माना कि क्रिकेट में मेहनत और प्रदर्शन के साथ किस्मत की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार कोई खिलाड़ी मौका पाने का हकदार होता है, लेकिन इसके बावजूद किसी दूसरे खिलाड़ी का चयन हो जाता है। धवन ने इस स्थिति को सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं माना और कहा कि दिल्ली तथा मुंबई जैसे बड़े क्रिकेट केंद्रों के खिलाड़ियों के साथ भी ऐसा हो सकता है। उनके मुताबिक यह प्रतिस्पर्धी खेल का हिस्सा है।

