कैब सर्विस और टेक्नोलॉजी कंपनी उबर टेक्नोलॉजीज ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने कर्मचारियों की संख्या करीब 10 प्रतिशत कम करने जा रही है। 31 दिसंबर 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उबर और उसकी सहयोगी कंपनियों में करीब 34,000 कर्मचारी थे। इस आधार पर लगभग 3,400 पद प्रभावित हो सकते हैं।
प्रबंधन की अतिरिक्त परतें होंगी कम
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को भेजे ज्ञापन में कहा कि कंपनी प्रबंधन के स्तर कम कर रही है और टीमों की संरचना को सरल बनाया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना और संगठन में बढ़ती जटिलता को कम करना है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उबर का राजस्व करीब तीन गुना हुआ है। इस विस्तार के साथ संगठन में प्रबंधन की कई अतिरिक्त परतें, अधिक समन्वय और जिम्मेदारियों का बंटवारा जैसी जटिलताएं भी बढ़ी हैं।
भारत में भी कुछ कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
उबर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक वैश्विक संगठनात्मक बदलावों का असर भारत पर भी पड़ेगा। भारत में उबर की कुछ महत्वपूर्ण टीमों के कर्मचारियों को विदाई देनी होगी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत उसके लिए प्रमुख बाजार बना रहेगा और यहां यात्रियों तथा ड्राइवरों के लिए स्थानीय स्तर पर नवाचार जारी रहेगा। कंपनी भारत में अपने क्षेत्रीय संचालन को मजबूत करने और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परिवहन कारोबार की रणनीतिक भूमिका बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

