राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने राष्ट्रपति को भेजा मांगपत्र, दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में कवरेज के दौरान स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना से संबंधित कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रपति से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि दोनों महिला पत्रकार दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान साकेत थाना क्षेत्र में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, दोनों पत्रकारों को पुलिस वाहन से साकेत थाना ले जाया गया, जहां उनके साथ कथित मारपीट किए जाने की बात कही गई है। आरोप यह भी है कि दोनों को अलग-अलग कमरों में ले जाकर मारपीट की गई। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया है।
वायरल वीडियो से बढ़ा आक्रोश
घटना से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पत्रकार समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला बेहद गंभीर है। परिषद के अनुसार, पत्रकारों के साथ कथित हिंसा या दुर्व्यवहार प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्रपति से उच्चस्तरीय जांच की मांग
परिषद ने राष्ट्रपति से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों अथवा अन्य लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही दोनों महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई है।
परिषद ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।

